पिछडों की राजनैतिक पार्टी ” जन-न्याय दल ” का कांग्रेस में विलय

भोपाल/16 अक्टूबर/ ” पिछड़ों की वोट,पिछड़ों को ” का मध्यप्रदेश में नारा बुलंद किये राजनैतिक पार्टी ” जन-न्याय दल ” ने पार्टी का विधिवत विलय “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ” में करते हुए पार्टी का चुनाव-चिन्ह ” नारियल ” कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष ग्रामीण अखिलेश मोनी केसरवानी की अगुवाई में कांग्रेस के प्रदेश-अध्यक्ष कमलनाथ के हाथ में सौंपा।

जन-न्याय दल के राष्ट्रीय-अध्यक्ष एडवोकेट बृजबिहारी चौरसिया ने बताया कि उनकी पार्टी समूचे मध्यप्रदेश में गतिशील गैर राजनैतिक संगठन ” पिछडावर्ग,अनुसूचितजाति व जनजाति फोरम ” की राजनैतिक इकाई है जो पिछडों को जागरूक व संगठित कर उनके हक-हकूक की लड़ाई लंबे समय से लड़ रही है।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने देश की 84 फीसदी ओबीसी,इसकी व एसटी के हित में जातिगत-जनगणना कराने और इन वर्गों को उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की जो नीतिगत घोषणा की है उससे प्रभावित होकर पिछडों के हित में पार्टी का विलय किया है।

इस अवसर पर कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि “जन न्याय दल” समुचे मध्य प्रदेश का बड़ा संगठन है। जो पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति बाद जनजाति फोरम के हक की लड़ाई लंबे समय से लड़ता आ रहा है। कांग्रेस पार्टी में जन न्यायदल का विलय होने पर जनता के हक की लड़ाई कांग्रेस और जन न्याय दल साथ में लड़ेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष बृज बिहारी चौरसिया को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

उन्होंने बताया कि अब वे ओबीसी की छोटी-छोटी जातियों के सदस्यों या कहें अति पिछड़ावर्ग को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे और कांग्रेस को मजबूत करेंगे।

आज जन-न्याय दल के कांग्रेस में विलय के साथ ही कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट बृज बिहारी चौरसिया, महासचिव रमेश बौद्ध,शिवराजसिंह ठाकुर,कोषाध्यक्ष एडवोकेट हेमराजसिंह राठौर, उपाध्यक्ष इंजी.संदीप कोरी सहित प्रमुख कार्यसमिति सदस्यों को कांग्रेस की सदस्यता दी।

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