आचार्य संघ का डोंगरगढ़ से हुआ बिहार
मप्र में अमरकंटक पहुंचने की संभावना

सागर/संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज का

ससंघ विहार प्रसिद्ध जैन तीर्थक्षेत्र चंद्रगिरी डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) से 27 फरवरी को दोपहर में हो गया।पहले दिन रात्रि विश्राम अचोली मैं हुआ। आचार्य संघ का डोंगरगढ़ में प्रवास लगभग 29 दिन रहा ।
मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि डोंगरगढ़ से अचौली की दूरी 4 किमी है जहां पर रात्रि विश्राम हुआ। अचौली से छुईखदान होकर कवर्धा होकर आचार्य संघ के अमरकंटक पहुंचने की प्रबल संभावना है। मध्यप्रदेश में स्थित अमरकंटक में सर्वोदय जैन तीर्थक्षेत्र का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और मार्च माह के अंतिम सप्ताह या अप्रैल माह के शुरुआत में वहां पर मुख्य मंदिर और सहस्त्रकूट जिनालय का पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव आयोजित होने की संभावना है। जल्दी ही पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव की तिथि निश्चित हो जाएगी गुरुदेव के बिहार के बाद अमरकंटक में गतिविधियां और तेज हो गई हैं। आचार्य संघ में निर्यापक मुनि श्री प्रसादसागर, मुनि श्री चंद्रप्रभसागर और मुनि श्री निरामयसागर महाराज हैं।

Pankajngz@123
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